जय निषाद राज बंधुओं , आज हमारे समाज की हालत ऐसी है मानो अछुत हों । आज देखा जाय राजनिति हो या किसी पद की तो हमारे समाज की हिस्सेदारी नाम मात्र की भी नही है । आज हमारे समाज की अबादी २०% से ज्यादा होने के बावजूद भी हमे कोई पुछता नही है क्यों । क्योंकि हम जिसे मसीहा समझते है वो हमे धोका देने का कार्य करते हैं । आज ७० सालों से यही होता आ रहा है । जिसके उपर हम भरोसा करते है वही हमे धोका देने का काम करता है ।
हमारे लोगों की जिंदगी आज बत से बत्तर होती जा रही है । उनपे कोई बात करने या उनकी स्थिती मे कैसे सुधार हो चर्चा तक करने को तैयार नही होते ।
बस यही चर्चा होती है कि आप अपना वोट ईनको देना या उनको देना । पर उनकी स्थिती परिस्थिति पे या उनके उत्थान पे कोई बात नही होती ।
आखिर कब तक ईन गरीबों को वोट बैंक की तरह ईस्तेमाल किया जाऐगा । आखिर क्यों नही ७० साल बाद भी ईनकी स्थिति परिस्थिति मे सुधार आया है ।
मै समाज के लोगों से ये पुछना चाहता हुं क्यो न हम एक अभियान के तहत इनको बताऐं कि ईनकी स्थिती को सुधारा जा सकता है । क्यों न हम ईनको समाज के बदलाव के मुख्यधारा से जोङें । आने वाली पीढ़ी के हाथों मे जाल कुदाल की जगह कलम पकङाऐं । जब तक हम ऐसा नही करेंगे हमारे समाज का उत्थान नही हो सकता । आओ मिलकर एक नए समाज का निर्माण करें ।
गरीबो को पढ़ा कर उनको अधिकार दिलाऐं ।
निषाद उमेश मंडल
राष्ट्रीय अध्यक्ष
निषाद ज्योति परिषद
हमारे लोगों की जिंदगी आज बत से बत्तर होती जा रही है । उनपे कोई बात करने या उनकी स्थिती मे कैसे सुधार हो चर्चा तक करने को तैयार नही होते ।
बस यही चर्चा होती है कि आप अपना वोट ईनको देना या उनको देना । पर उनकी स्थिती परिस्थिति पे या उनके उत्थान पे कोई बात नही होती ।
आखिर कब तक ईन गरीबों को वोट बैंक की तरह ईस्तेमाल किया जाऐगा । आखिर क्यों नही ७० साल बाद भी ईनकी स्थिति परिस्थिति मे सुधार आया है ।
मै समाज के लोगों से ये पुछना चाहता हुं क्यो न हम एक अभियान के तहत इनको बताऐं कि ईनकी स्थिती को सुधारा जा सकता है । क्यों न हम ईनको समाज के बदलाव के मुख्यधारा से जोङें । आने वाली पीढ़ी के हाथों मे जाल कुदाल की जगह कलम पकङाऐं । जब तक हम ऐसा नही करेंगे हमारे समाज का उत्थान नही हो सकता । आओ मिलकर एक नए समाज का निर्माण करें ।
गरीबो को पढ़ा कर उनको अधिकार दिलाऐं ।
निषाद उमेश मंडल
राष्ट्रीय अध्यक्ष
निषाद ज्योति परिषद





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